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भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कोरोना की दूसरी डोज ना लगवाने वाले लोगों को नहीं दिया जाएगा प्रवेश-अनिल विज

चण्डीगढ़, 22 दिसंबर 2021, (ओजी इंडियन ब्यूरो)-

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि आगामी 1 जनवरी, 2022 से हरियाणा राज्य में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे कि रेस्टोरेंट्स, मॉल, बैंक, कार्यालय इत्यादि में कोरोना की दूसरी डोज ना लगवाने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हम हरियाणा को देश में ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं और हरियाणा एक ऐसा प्रदेश होगा जो देशभर में ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा।
श्री विज आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र में लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे।
श्री विज ने कहा कि ओमीक्रोन की चिंता वाजिब है और इसके लिए डब्ल्यूएचओ के साथ-साथ पूरी दुनिया चिंता कर रही है, यह कितना इनफेक्शियस है या खतरनाक है इसका अभी तक पूरी तरह से पता नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना से पीड़ित लोगों की जान बचाने में कार्य कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों जिनमें डॉक्टर हो, पैरामेडिकल स्टाफ हो, नर्स हो, एंबुलेंस ड्राइवर हो, जिनकी भी कोरोना के दौरान ऐसी सेवा करते हुए मृत्यु हुई है, उन लोगों की याद में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय पर ‘वाल ऑफ मेमोरी’ बनाई गई, जिसका उन्होंने स्वयं उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग के 28 लोगों की जान गई है जिनमें से 27 लोगों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है तथा एक अन्य को जल्द  देने की कवायद जारी है। इसी प्रकार, उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर जिनमें पुलिस और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कर्मचारी भी आते हैं, वे चाहते हैं कि पुलिस के मुख्यालय पर भी इस प्रकार की ‘वाल ऑफ मेमोरी’ बनाई जाए और यूएलबी में भी उन्होंने इस प्रकार की ‘वाल ऑफ मेमोरी’ बनाने के लिए अधिकारियों को कहा है। उन्होंने कहा कि यह इतिहास लिखा जाना है और इस कोरोना कॉल के इतिहास को लिखने के लिए उनके द्वारा एक कमेटी का गठन भी करने के निर्देश दिए गए हैं, जो यह लिखने का काम कर रही है कि किस प्रकार से कोरोना बीमारी के दौरान लोगों की जान बचाई गई, मेडिसिन उपलब्ध कराई गई, ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई और किस प्रकार से लोगों को पीपीई किट्स उपलब्ध करवाई गई और लोगों की शहादत का वर्णन भी इसमें होगा।
श्री विज ने कहा कि उन्होंने एक सर्वे करवाया था जिसमें कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान 30 प्रतिशत लोग हरियाणा से बाहर के थे लेकिन फिर भी हमने एडिशनल बेड उपलब्ध करा कर उन लोगों की जान बचाने का काम किया। इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने पानीपत व हिसार में 500- 500   बेड के हॉस्पिटल बनाए। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से निपटने के लिए हमारे पास भी दो लहर का अनुभव है और दूसरी लहर के दौरान 15000 संक्रमित व्यक्ति रोज आ रहे थे लेकिन उन्हें उम्मीद है कि हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम बहुत ज्यादा हो चुका है और शायद थर्ड लहर ना आए लेकिन फिर भी हम उन अस्पतालों को लोकेट कर रहे हैं जहां पर तीसरी लहर आने पर प्रयोग किया जा सके। इसके अलावा, निजी संस्थानों से भी सहयोग लेने का काम किया जा रहा है और मेडिकल स्टूडेंट की सेवाएं भी हमने पिछली लहरों के दौरान ली थी और आने वाले दिनों में 980 डॉक्टरों को भी जल्द भर्ती कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पैरामेडिकल का स्टाफ भी अगले 15 से 20 दिन में आ जाएगा। श्री विज ने कहा कि कोरियावास, भिवानी और जींद के मेडिकल कॉलेज का वर्क अलाट कर दिया गया है और यमुनानगर, सिरसा और गुरुग्राम के मेडिकल कॉलेज का कार्य प्रक्रियाधीन है।
श्री विज ने कहा कि अभी तक बूस्टर डोज के संबंध में केंद्र सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं हेल्थ मिनिस्टर हैं और  दूसरी लहर के दौरान वे स्वयं अंबाला के सिविल अस्पताल में भर्ती हुए और जिद करके वे पीजीआईएमएस में गये लेकिन फिर लोग उन्हें मेदांता में ले गये।

स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीनेशन के संबंध में कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के वैक्सीनेशन की दोनों डोज एक मजबूत कवच है और मास्क व सोशल डिस्टनविंग भी  बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य के सभी एसपी व पुलिस आयुक्त को वायरलेस मैसेज किया था कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं उनका 500 रुपये का चालान किया जाए और डीसी को आदेश दिए कि किसी अधिकारी के माध्यम से सोशल गैदरिंग  होने पर रैंडम चेकिंग की जाए। श्री विज ने कहा कि वे चाहते हैं कि वैक्सीनेशन एक जन आंदोलन बने और इस कड़ी में उन्होंने राज्य सभी विधानसभा के विधायकों से आग्रह करते हुए कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में कोरोना की दूसरी डोज को लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित करें,कैंप लगवाएं और उनके द्वारा स्वास्थ्य टीमों को वहां भेजा जाएगा और लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

श्री विज ने जिला बार वैक्सीनेशन का डाटा देते हुए कहा कि अंबाला में प्रथम डोज 106 प्रतिशत और दूसरी डोज 97 प्रतिशत, भिवानी में प्रथम डोज 92 प्रतिशत और दूसरी डोज 69 प्रतिशत, चरखी दादरी में प्रथम डोज 96 प्रतिशत और दूसरी डोज 83 प्रतिशत, फरीदाबाद में प्रथम डोज को 112 प्रतिशत और दूसरी डोज 75 प्रतिशत, फतेहाबाद में प्रथम डोज 81 प्रतिशत और दूसरी डोज 41 प्रतिशत, गुरुग्राम में प्रथम डोज 129 प्रतिशत और दूसरी डोज 101 प्रतिशत, हिसार में प्रथम डोज 79 प्रतिशत और दूसरी डोज 42 प्रतिशत, झज्जर में प्रथम डोज को 98 प्रतिशत और दूसरी डोज 62 प्रतिशत, जींद में प्रथम डोज को 78 प्रतिशत और दूसरी डोज 44 प्रतिशत,कैथल में प्रथम डोज को 84 प्रतिशत और दूसरी डोज 56 प्रतिशत, करनाल में प्रथम डोज को 89 प्रतिशत और दूसरी डोज 57 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में प्रथम डोज 85 प्रतिशत और दूसरी डोज 53 प्रतिशत, महेन्दरगढ़ में प्रथम डोज 87 प्रतिशत और दूसरी डोज 57 प्रतिशत, नूह में प्रथम डोज 64 प्रतिशत, पलवल में प्रथम डोज 80 प्रतिशत और दूसरी डोज 45 प्रतिशत, पंचकूला में प्रथम डोज 107 प्रतिशत और दूसरी डोज 83  प्रतिशत, पानीपत में प्रथम डोज़ को 94 प्रतिशत और दूसरी डोज 52 प्रतिशत, रेवाड़ी में प्रथम डोज 98 प्रतिशत और दूसरी डोज़ 70 प्रतिशत, रोहतक में प्रथम डोज 92 प्रतिशत और दूसरी डोज 58 प्रतिशत, सिरसा में प्रथम डोज 86 प्रतिशत और दूसरी डोज 48 प्रतिशत, सोनीपत में प्रथम डोज 92 प्रतिशत और दूसरी डोज 54 प्रतिशत और में प्रथम डोज 91 प्रतिशत और दूसरी डोज 54 प्रतिशत है। इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि नूह में वैक्सीनेशन का प्रतिशत पहले 32 प्रतिशत था लेकिन इसके बाद प्रधानमंत्री ने नूह के डीसी से बात की और उस दौरान वीसी के माध्यम वे और मुख्यमंत्री भी जुड़े।  इसलिए मैं सभी विधायकों से आग्रह करता हूं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना की वैक्सीनेशन को लेकर कैंप लगवाएं और लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड -19 के प्रसार को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राज्य ने महामारी की पिछली दो लहरों का अच्छी तरह से मुकाबला किया है और सभी राज्यों में से अग्रिम रहा है और राज्य सरकार को ओमीक्रोन के प्रसार का प्रतिरोध करने और कोविड मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2021 को, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रूपातर बी, 1.1.529 ओमीक्ऱोन को ‘‘चिंताजनक रूपातर’’ की तरह माना है। पहला मामला 24 नवंबर, 2021 को दक्षिण से सामने आया था। यूरोप यूनाइटेड किंगडम सहित, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, घाना, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्बे, तंजानिया, हांगकांग और इजराइल ‘‘जोखिम वाले देशों’’ की सूची में है। अभी तक हरियाणा में ओमीक्रोन के 6 केस है। हालांकि तीन अंतरराष्ट्रीय यात्री जो कि हरियाणा राज्य के गुरुग्राम जिले में जाने के लिए चिह्निïत है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ओमीक्रोन रूपांतर के लिए दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती किया गया है और  वे हरियाणा में नहीं आये है।

केस -1 समर्थ गुलाटी उम्र 23 वर्ष नामक मरीज यूके का निवासी है व दुबई में तीन दिन रहने के बाद भारत पहुंचा है। वह गुरुग्राम में अपने रिश्तेदार को मिलने जा रहा था। हवाई अड्डे पर उसका परीक्षण पाजिटिव पाया गया और वह 14 दिसम्बर, 2021 से सरकारी क्वारनटीन सुविधा में रखा गया है । यह अकेला यात्रा कर रहा था । हरियाणा स्टेट सर्विलैंस यूनिट द्वारा मरीज से टेलीफोन द्वारा तुरंत संपर्क किया गया व उसकी तबीयत बारे पुछा गया। मरीज को कोई लक्षण नहीं है एवं उसने हरियाणा में यात्रा नहीं की है। सर्विंलेंस यूनिट गुरुग्राम को उचित निर्देश दे दिये गये है।

केस -2 उसी दिन 17 दिसम्बर,2021 को एक और ओमीक्रोन संक्रमित 18 वर्षीय मरीज अभिनन्दन की भी सूचना दिल्ली स्टेट सर्विलैंस यूनिट द्वारा प्राप्त हुई। यह विद्यार्थी है और यूके से वापिस अपने घर आ रहा था। यह यात्रा कर रहा था। वह अकेला यात्रा कर रहा था। हवाई अडडे पर उसका परीक्षण पाजिटिव पाया गया और उसे 13 दिसम्बर, 2021 से एलएनजेपी अस्पताल में रखा गया है। गुरुग्राम को उचित निर्देश दे दिए गए हैं।

केस-3 के तहत 18 दिसंबर, 2021 रात्री को दिल्ली स्टेट सर्विलैस यूनिट द्वारा श्री प्रवीन कुमार नामक 55 वर्षीय ओमीक्रान संक्रमित की सूचना प्राप्त हुई। वह यूके से गुरुग्राम में अपने घर आ रहा था और पहुंचने पर लक्षणग्रस्त था। हवाई अडडे पर उसका परीक्षण पाजिटिव पाया गया। मरीज को मैैक्स अस्पताल साकेत में 13 दिसम्बर, 2021 से दाखिल है व अब लक्षणरहित है। तीनों को दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती किया गया है और वे हरियाणा में नहीं आये है ।

एक अन्य केस में कनाडा से लौटी निकिता साहनी, जो 13दिसम्बर,21 को आई थी, ने 14 दिसम्बर,21 को कोविड पॉजिटिव का परीक्षण किया था, उसका नमूना डब्ल्यूजीएस के लिए भेजा गया था और 20 दिसम्बर,2021 को ओमिक्रॉन वैरियंट के लिए सकारात्मक पाया गया है। उसके 2 प्राथमिक संपर्कों, मां और चाची ने भी कोविड का परीक्षण किया है।उसकी आंटी अनुपमा गंजू, जो दिल्ली में रहती है, वर्तमान में निकिता के साथ रह रही है।  उसकी मां और आंटी के सैंपल भी डब्ल्यूजीएस सैंपलिंग के लिए भेजे गए हैं। तीनों को फरीदाबाद की एक निजी स्वास्थ्य सुविधा एशियन फिडेलिस में क्वारंटाइन किया गया है। श्री विज ने बताया कि हवाई अडडा प्राधिकारी द्वारा साझंा की जा रही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सूची में से 22,918 अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को निगरानी में लिया गया है व 17,933 आ.टी.पी.सी.आर. परीक्षण किए गए हैं, जिनमें से पॉजिटिव पाए गए और उन्हें संपूर्ण जीनों सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है जिनका परिणाम अपेक्षित है। सार्वजनिक रूप से कोविङ-19 उपयुक्त व्यवहार ( सी.ए.बी ) को बढ़ावा देने के आक्रामक प्रचार (आई.ई.सी.) किया जा रहा है व प्रोटोकोलस की सख्ती को सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में 22 आणविक प्रयोगशालाएं स्थापित की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति के तहत अब तक 3,11,00,292 खुराक (पहली खुराक 1,91,10,472 (93 प्रतिशत) दूसरी खुराक 1,20,75,820 ( 59 प्रतिशत ), 19 दिसंबर 2021 तक दी जा चुकी है। कोविड मरीजों के इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा संतोषजनक मात्रा में कोविड स्वास्थ्य सुविधाएं आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन समर्पित वेड, आईसीयू बेड और बेंटिलेटर के अलावा दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि कोविड से मरने वालों के परिवारों को सरकार द्वारा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है जिसके तहत  हरियाणा के सभी नागरिकों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि, 18-50 वर्ष के बीपीएल कार्ड धारकों को 2 लाख रूपये की अनुग्रह राशि, कर्मचारियों ( नियमित / संविदा / तदर्थ / आउटसोर्सिंग / आदि ) के लिए 5 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह अनुदान राशी और कोरोना योद्धाओं को 20 लाख रुपये की विशेष करुणामय आर्थिक लाभ राशी के साथ-साथ राज्य सरकार ने कोविड डयूटी के लिए तैनात स्वास्थ्य कर्मियों (सरकारी और निजी) के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज: 50 लाख रुपये का जीवन बीमा भी लागू किया है।

राज्य में सभी प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है साथ ही पर्याप्त टेस्टिंग यानि राष्ट्रीय औसत 883 के मुकाबले प्रतिदिन प्रति मिलियन जनसंख्या के लिए 984 टेस्ट किए जा रहे हैं। अब तक 1,42,23,617 परीक्षण किये जा चुके है जिनमें से 7,72,197 साकारात्मक पाए गए और 7,61,903 मरीज ठीक हो गये व 10,061 की मृत्यु हो चुकी है। कोविड से निपटने के लिए राज्य के तैयारी के संबंध में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से कोविड -19 उपयुक्त व्यवहार ( सीएवी ) को बढावा देने के लिए आक्रामक प्रचार (आई.ई.सी.) किया जा रहा है। राज्य में कोविड स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत कुल 1097 है जिनमें 69 डेडीकेटिक कोविड अस्पताल, 588 डेडीकेटिड कोविड स्वास्थ्य केन्द्र, 440 डेडीकेटिड कोविड केयर सेंटर, 59932 आईसोलेसन बिस्तर,  5367 बच्चों के लिए आईसोलेशन बिस्तर, 16757 आक्सीजन उपलब्धता बिस्तर, 3865 बच्चों के लिए आक्सीजन उपलब्धता बिस्तर, 5974 आईसीयू बिस्तर, 2140 बच्चों के लिए आईसीयू बिस्तर, 2385 वेटिलेटर, 719 बच्चों के लिए वेंटिलेटर, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 10000 से अधिक आक्सी उपलब्धता बिस्तर व 650 आईसीयू बिस्तर हैं। इसी प्रकार, पीएसए संयंत्र 75 स्थापित किए गए हैं (40 पीएम केयर से और 35 सीएसआर के तहट ) जिनमें से 72 क्रियाशील है। इसके अलावा, निजी बहुसुविधा अस्पतालों में भी 54 पीएसए संयंत्र स्थापित किये गये है।
राज्य में कोविड टीकाकरण ड्राईव सफलतापूर्वक कार्यान्वित की गई है व नवबंर 2021 से हर घर में पहुंचकर बचे हुये व्यक्तियों को टीकाकरण करने के लिए हर घर दस्तक प्रोग्राम लागू किया गया है। 19 दिसंबर 2021 तक 3,11,86,292 कुल खुराक दी जा चुकी है जिसमें से पहली खुराक 1,91,10,472 ( 93 प्रतिशत ) दूसरी खुराक 1,20,75,820 ( 59 प्रतिशत ) हैं।

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